त्वरित पढ़ें
- भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू कर श्रीलंका को मानवीय सहायता भेजी।
- भारतीय नौसेना के INS विक्रांत और उदयगिरि ने राहत सामग्री सौंपीं; दूरस्थ इलाकों के लिए वायु उठान भी किया गया।
- भारतीय वायुसेना ने C-130 विमान से करीब 12 टन HADR सामग्री एयरलिफ्ट की।
- राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें और रेस्क्यू कुत्ते भेजे गए; बचाव-राहत कार्य चल रहे हैं।
- चक्रवात Ditwah और भारी बारिश से श्रीलंका में बड़े पैमाने पर बाढ़-भूमिस्क्षण हुआ; कई दर्जन लोगों की मौत की रिपोर्टें हैं।

कब हुआ
- घटना: चक्रवात डिटवाह के कारण भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का सिलसिला। प्रभावित होने की खबरें 16 नवंबर से आने लगीं और हालिया तीव्र घटना के बाद भारत ने तुरंत सहायता भेजी।
कहाँ हुआ
- सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र: श्रीलंका के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी प्रांत — विशेषकर कोलंबो और आसपास के जिले जहाँ नदी-स्तर तेज़ी से बढ़ गया और कई इलाकों में जलभराव हुआ।
कैसे मदद भेजी गई
- नौसेना: INS विक्रांत और INS उदयगिरि पर लदी राहत सामग्री स्थानीय अधिकारियों को सौंप दी गई। भारतीय उच्चायोग और श्रीलंकाई अधिकारियों ने हैंडओवर किया।
- वायुसेना: C-130 विमान ने आवश्यक तंबू, कंबल, सफाई किट और तैयार-खाने जैसी सामग्री एयरलिफ्ट कर कोलंबो पहुँचाई (रिपोर्टेड ~12 टन)।
- एनडीआरएफ: विशेष बचाव दल (प्रशिक्षित बचावकर्मी और सर्च-डॉग) भेजे गए ताकि मलबा हटाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और प्राथमिक चिकित्सा में मदद मिल सके।
- राजनयिक/सामंजस्य: विदेश मंत्रालय, भारतीय उच्चायोग और स्थानीय श्रीलंकाई एजेंसियों के साथ मिलकर राहत का समन्वय किया जा रहा है; भारत ने आगे मदद देने की तत्परता जताई है।
सरल निष्कर्ष
ऑपरेशन सागर बंधु का उद्देश्य तत्काल जीवनरक्षा और प्राथमिक राहत उपलब्ध कराना है — तंबू, राशन, दवाइयाँ और बचाव दल भेजकर भारत ने अपने समुद्री पड़ोसी के लिए तत्काल सहायता जुटा दी है। स्थिति पर आगे की रिपोर्टिंग और जरूरतों के अनुसार भारत और अन्य एजेंसियाँ समर्थन जारी रखेंगी।


