क्विक रीड्स
- उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में, सरकारी स्कूल के पास झाड़ियों में 161 जिलिग्नाइट (gelatin) स्टिक बरामद की गई हैं।
- इन स्टिकों का कुल वजन 20 किलोग्राम से अधिक बताया गया है।
- यह विस्फोटक स्कूल परिसर के करीब मिला, जिसे बच्चों ने खेलते समय देखा था और उन्होंने इसकी सूचना प्रिंसिपल को दी।
- बम निस्तारण (Bomb Disposal Squad) और कुत्तों (Canine) टीमों को बुलाकर पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है।
- एक FIR दर्ज की गई है — अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ Explosive Substances Act, 1908 की धारा 4(a) और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 288 के तहत।
- पुलिस ने आतंकवाद की संभावना अभी खारिज की है; शुरुआती जांच में कहा गया है कि ये स्टिक रोड-निर्माण में उपयोग होने वाले विस्फोटक हो सकते हैं।

स्कूल के पास विस्फोटक: अल्मोड़ा में बढ़ी सुरक्षा चिंता
अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया है, जब सोलन (Salt) क्षेत्र की झाड़ियों में 161 जिलिग्नाइट स्टिक्स, यानी बहुत खतरनाक विस्फोटक सामग्री, बरामद की गई। ये सामग्री सरकारी हाई सेकेंडरी स्कूल Dabra के पास मिली।
मामला तब सामने आया, जब स्कूल के बच्चों ने खेलते वक्त झाड़ियों में संदिग्ध पैकेट देखे और तुरंत प्रिंसिपल को सूचित किया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर बम डिस्पोजल टीम व कुत्तों की टीम बुला कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
स्थानीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (SSP) देवेंद्र पिंचा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह विस्फोटक आतंकवाद के लिए रखा गया था या कोई व्यावसायिक उद्देश्य (जैसे सड़क निर्माण) था। पुलिस का कहना है कि जिलिग्नाइट स्टिक अक्सर स्टोन ब्लास्टिंग में उपयोग होती है और हो सकता है कि इन्हें सड़क निर्माण परियोजना के दौरान छोड़ा गया हो।
एक प्राथमिकी (FIR) अज्ञात लोगों के खिलाफ Explosive Substances Act की धारा 4(a) और BNS की धारा 288 के तहत दर्ज की गई है। चार जांच टीमें भी बनाई गई हैं, जो जांच कर रही हैं कि ये स्टिक वहां कैसे आई और किसके द्वारा छोड़ी गई थी।
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने नमूने लिए हैं और आगे की जांच के लिए विस्फोटकों की पहचान और उनका स्रोत पता लगाने का काम जारी है। पुलिस ने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आगे की पुष्टि होने तक धैर्य रखें।


