त्वरित पढ़ें
- NIA ने 1 दिसंबर 2025 को पुलवामा, शोपियन और कुलगाम के आठ स्थानों पर छापे मारे।
- छापे उस ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल की जांच से जुड़े हैं जिसे दिल्ली के रेड फ़ोर्ट के पास हुई कार बम ब्लास्ट से जोड़ा जा रहा है।
- शोपियन में मौलवी इरफ़ान अहमद वगै का घर भी तलाशी के दायरे में था; उन्हें मॉड्यूल के रैडिकलाइजेशन और भर्ती से जोड़ा जा रहा है।
- जांच में अब तक कई गिरफ़्तारियाँ और पूछताछ हुई हैं; विस्फोट में दर्जनों लोग मारे और घायल हुए थे — जांच अभी जारी है।

कहाँ हुआ
NIA की तलाशी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियन और कुलगाम जिलों में की गई , खासकर शोपियन के नदिगम/मौजूद गाँवों और पुलवामा के कुछ गाँवों पर। अधिकारियों ने कहा कि ये छापे उसी इलाके के संदिग्धों और उनके ठिकानों पर केन्द्रित थे।
कैसे हुआ
केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष तफ्तीश टीमों के साथ सुबह-सुबह रेमोबाइल और फील्ड छापे किये; तलाशी के दौरान दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संभावित सबूत बरामद करने के प्रयास जारी रहे। यह कार्रवारेड फ़ोर्ट कार ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने में तेज़ी: NIA ने कश्मीर में खोले ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल के ठिकानेई दिल्ली के रेड फ़ोर्ट के पास 10 नवंबर (रिपोर्टेड तिथि) हुई कार बम विस्फोट की विस्तृत जांच से जुड़ी है, जिसके बाद मामला NIA को सौंपा गया था।
संक्षिप्त खबर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को कश्मीर के पुलवामा, शोपियन और कुलगाम जिलों में आठ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। ये छापे दिल्ली के रेड फ़ोर्ट के पास हुए कार विस्फोट की जांच से जुड़े ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंक मॉड्यूल की गतिविधियों और भर्ती-रैडिकलाइज़ेशन नेटवर्क का पता लगाने के उद्देश्य से किए गए। अधिकारियों ने बताया कि शोपियन में मौलवी इरफ़ान अहमद वगै के निवास पर भी तलाशी चली, जिनपर मॉड्यूल की भर्ती और रैडिकलाइजेशन में भूमिका होने का संदेह है।
NIA ने मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू कर रखी है; पहले से की गई गिरफ्तारियों और पूछताछ के अनुरूप और स्थानों पर खोजबीन चल रही है। राष्ट्रीय और स्थानीय एजेंसियाँ सबूत इकट्ठा कर मामले की कड़ी-कड़ी जोड़ों की तफ्तीश कर रही हैं ताकि विस्फोट के पीछे के नेटवर्क को उजागर किया जा सके। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बल तैनात हैं और जांच से जुड़ी अन्य जानकारियाँ आगे जारी की जाएँगी।


